बारिश से प्रदेशभर में करीब 23 जगह जंगलों की आग बुझ गई है। सर्दियों में बारिश, बर्फबारी पर्याप्त न होने से जंगल शुष्क बने हुए थे। नवंबर से ही वनाग्नि की घटनाएं सामने आने लगी थीं। 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हुआ, इसके बाद से वनाग्नि के मामले बढ़े हैं। तब से जंगल की आग की 84 घटनाएं रिपोर्ट हो चुकी हैं। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि 23 जगह पर फायर अलर्ट थे, बारिश होने से अब किसी भी स्थान पर सक्रिय आग की सूचना नहीं है। बरसात से जंगलों में नमी बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में भी राहत रहेगी।

