शिक्षा विभाग के पोर्टल पर मदरसों को अल्पसंख्यक विद्यालय के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बुधवार को समाप्त हो गई। एक जुलाई 2026 को मदरसा बोर्ड भंग कर उसके स्थान पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन के तीन माह बाद शिक्षा विभाग महज 60 मदरसों को अल्पसंख्यक विद्यालय के रूप में मान्यता दे पाया है। रिपोर्ट के अनुसार अभी तक मान्यता प्राप्त 35 संस्थानों में सर्वाधिक 26 हरिद्वार जिले के हैं। इनमें 22 मदरसे और दो सिख समुदाय से जुड़े संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा सात संस्थान देहरादून और दो ऊधम सिंह नगर के हैं। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के चेयरमैन प्रो. सुरजीत सिंह गांधी ने बुधवार को शासन को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि शिक्षा विभाग के पोर्टल पर मान्यता के लिए आवेदन करने वाले संस्थानों की प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है। इनमें 35 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अल्पसंख्यक विद्यालय का मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान कर चुके हैं, जबकि 25 अन्य विद्यालयों को प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया चल रही है। तीन माह में विभाग को कुल 198 आवेदन मिले। जिनमें 138 के आवेदन अभी लंबित है।
