देहरादून अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के फॉरेंसिक ऑडिट में बैंक के ऋण वितरण और वित्तीय रिकॉर्ड में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। आरोप है कि वर्ष 2013-14 से नियमों को ताक पर रखकर चुनिंदा लोगों को ऋण बांटे गए। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जेसीबी मशीनों की खरीद दिखाकर ऋण स्वीकृत कराने और बैंक को घाटे में होने के बावजूद रिकॉर्ड में मुनाफा दर्शाने की गड़बड़ियां भी जांच में सामतने आई हैं।अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी करेगा। उत्तराखंड पुलिस ने संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के इनपुट मिलने के बाद संबंधित फाइलें ईडी को भेजी हैं।बैंक के नौ हजार से अधिक खाताधारकों की 124 करोड़ रुपये से ज्यादा की जमा राशि फंसी हुई है। मामले में पुलिस की एसआईटी और आर्थिक अपराध शाखा जांच कर चुकी हैं। तत्कालीन शाखा प्रबंधक महाबीर सिंह और बैंक के आईटी अधिकारी समेत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
