सागरताल नालापानी में बलभद्र खलंगा विकास समिति की अगुआई में आयोजित 51वें खलंगा मेले में गोर्खाली, गढ़वाली और कुमाऊंनी संस्कृति की भव्य झलक देखने को मिली।रविवार को कार्यक्रम की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर और पूर्व कर्नल विक्रम सिंह थापा द्वारा खलंगा युद्ध स्मारक पर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद मंच पर अलग-अलग क्षेत्रों से आए कलाकारों ने गोर्खाली, गढ़वाली और कुमाऊंनी गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।इसी के उपरांत 24 अप्रैल 1815 को सुबाथू (हिमाचल प्रदेश) और अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में तीन गोरखा पलटनों की स्थापना हुई थी।कार्यक्रम में पद्मश्री जागर गायिका बसंती बिष्ट, पद्मश्री पर्वतारोही कन्हैया लाल पोखरियाल, पर्वतारोही सुबेदार मेजर प्रवीन थापा, वरिष्ठ साहित्यकार पंडित कृष्ण प्रसाद पंथी, कर्नल ईश्वर थापा और उदय थापा को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।समिति के मुख्य संरक्षक व पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, पदम सिंह थापा, प्रभा शाह, कर्नल सीबी थापा, राम सिंह थापा, महेश भूषाल, शशिकांत शाही, केबी कार्की, सुरेश गुरुंग, सुनीता गुरुंग, अशोक वल्लभ शर्मा और राकेश उपाध्याय सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

