कोटी कॉलोनी के समीप टिहरी झील में शुक्रवार को पांच दिवसीय टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023 का शानदार आगाज हुआ। 28 नवंबर तक चलने वाले इस फेस्टिवल में भारत सहित 28 देशों के 130 पैराग्लाइडिंग पायलट प्रतिभाग कर रहे हैं। इसमें भारत के विभिन्न राज्यों के 80 एवं 50 विदेशी पायलट शामिल हैं।पहले दिन पैराग्लाइडरों ने प्रतापनगर की पहाड़ियों से 1400 मीटर की ऊंचाई से उड़ान भरकर कोटी कालोनी में झील किनारे सफल लैंडिंग की। कैबिनेट मंत्री व टिहरी जिले के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से आयोजित किए जा रहे टिहरी एक्रो फेस्टिवल का उद्घाटन किया।प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि साहसिक खेलों में टिहरी झील पूरे विश्व में अपनी पहचान बनाएगी। झील को साहसिक खेलों के साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। टिहरी झील के विकास के लिए सरकार कार्य कर रही है और जल्द ही झील के आसपास के क्षेत्रों को विकसित कर सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी।इस मौके पर वन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि टिहरी झील साहसिक खेलों के लिए विश्व में दूसरे स्थान पर है। तुर्किये में 1500 से मीटर से अधिक ऊंचाई से पैराग्लाइडिंग की साहसिक खेल गतिविधियां आयोजित होती हैं, जबकि भारत में टिहरी झील दूसरे स्थान पर है, जहां 1400 मीटर की ऊंचाई से पैराग्लाइडर उड़ान भरते हैं। जनपद टिहरी की आर्थिकी बढ़ाने के लिए टिहरी झील में कई संभावनाएं हैं।टिहरी एक्रो फेस्टिवल में आस्ट्रिया से पहुंची गेली ने कहा कि टिहरी झील साहसिक खेलों के लिए विश्व में सबसे उपयुक्त जगह है। वहीं, इजराइल की निवासी इराइन ने कहा कि टिहरी झील में विश्व स्तर के साहसिक खेलों की संभावना है। प्रतापनगर की पहाड़ियों से पैराग्लाइडिंग कर कोटी कालोनी में लैंड करना काफी रोमांचक रहा।

