उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मंत्री ने पति पर मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में एक ऑडियो का हवाला देते हुए हत्या की साजिश रचने का आरोप भी लगाया गया है। गुरुवार को दर्ज मुकदमे में भारतीय दंड संहिता और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद उनका पुराना विवादित इतिहास भी चर्चा में आ गया है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, गिरधारी लाल साहू का नाम पहले भी जमीन के सौदों से जुड़े कई मुकदमों और बरेली के चर्चित जैन दंपती हत्याकांड में सामने आ चुका है। वर्ष 2017 में उनके खिलाफ गुर्दा प्रत्यारोपण से संबंधित शिकायत की जांच भी हुई थी।उत्तराखंड हाई कोर्ट के 23 जनवरी 2017 के आदेश में उल्लेख है कि वर्ष 2016 में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ जमीन के लेनदेन से जुड़े पांच मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें धोखाधड़ी और धमकी जैसे आरोप शामिल थे। न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, इनमें से तीन प्राथमिकी समझौते के आधार पर 30 नवंबर 2016 को निरस्त कर दी गई थीं।मुकदमा दर्ज कराने के बाद रेखा आर्या ने फेसबुक पर एक वीडियो और पति से जुड़ा ऑडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि ऑडियो सुनने के बाद उन्हें पुलिस में शिकायत देने का निर्णय लेना पड़ा। मंत्री के मुताबिक, यह कदम बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इस घटनाक्रम के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी भी सामने आई है। द्वारिका चौक स्थित कृष्णा मेडिकल अस्पताल में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य भर्ती हैं।
