एसटीएफ उत्तराखंड ने एक ऐसे कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जहां से सिम बाक्स के माध्यम से ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और तत्काल लोन देने के नाम पर उनसे उगाही करते थे। एसटीएफ ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान लक्ष्मण प्रसाद कंपनी मैनेजर निवासी सेखन फाटक, चरखारी स्टेट, महोबा, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी चंद्रबनी पटेलनगर और जगमोहन सिंह रावत कंपनी रीजनल मैनेजर निवासी माता चौक, रंगपुरी, थाना वसंत कुंज, नई दिल्ली के रूप में हुई है।एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि दूरसंचार विभाग की ओर से देहरादून में संदिग्ध सिम बाक्स के संचालन की जानकारी दी गई थी। जांच में सक्रिय संदिग्ध मोबाइल नंबरों के विरुद्ध चक्षु पोर्टल पर शिकायतें दर्ज होना पाई गई।कंपनी के कार्यालय की तलाशी के दौरान विभिन्न स्थानों से कुल 45 सिम कार्ड जिसमें 43 बीएसएनएल, दो जियो व एक बोडाफोन कंपनी के सिम कार्ड सहित एक लैपटाप, दो फाइबर राउटर, तथा अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद किए गए।
लैपटाप की जांच में पाया कि आरोपित एसबीआइ, बैंक आफ बड़ोदा, एक्सिस बैंक, पूनावालां फाइनेंस, यश बैंक व आरबीएल आदि बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड से संबंधित डेटा सहित अन्य महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त हुआ। इस संबंध में विवेचना की जा रही है।
