सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराकर महीनों तक बैठे रहने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं। 36 से 180 दिन तक लंबित शिकायतों ने जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए तो जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सीधे जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उन्होंने ऐसी सभी शिकायतों की दो दिन में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही, शिकायत को फोर्स क्लोज करने से पहले संबंधित विभाग को प्रमाण पत्र देकर बताना होगा कि शिकायत पर वास्तव में क्या कार्रवाई हुई और शिकायतकर्ता की समस्या किस तरह दूर की गई।
कलेक्ट्रेट में सीएम हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने विभागवार लंबित मामलों की पड़ताल की। लंबे समय से अटकी शिकायतों पर उन्होंने नाराजगी जताई व अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर शिकायत बंद कर देने को निस्तारण नहीं माना जाएगा।
