मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में मानसून सीजन से संबंधित किए जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहते हुए सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही भूस्खलन, बाढ़ व भू-कटाव संभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर संवेदनशील गांवों, स्कूलों, अस्पतालों समेत अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए. पुलों, कल्वर्टों व ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर जरूरी मरम्मत कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं. साथ ही सभी नालों एवं जल निकासी मार्गों की सफाई मानसून से पूर्व सुनिश्चित की जाए.सीएम ने डेंगू, मलेरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए. स्वास्थ्य विभाग जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे. यही नहीं अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्गों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर विशेष निगरानी रखा जाए. मानसून के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए, संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए निकटवर्ती अस्पतालों के आसपास ठहरने की व्यवस्था की जाए और आवश्यकता पड़ने पर हेली एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए.मानसून से पूर्व अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि जल निकासी एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. बरसात के दौरान विद्युत, पेयजल, सड़क, दूरसंचार समेत अन्य मूलभूत सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित न हों. इसके लिए सभी संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें. एसटीपी एवं पुलों के आसपास की विद्युत लाइनों का सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए.
