देहरादून के परेड ग्राउंड में नौ दिवसीय ‘दून पुस्तक महोत्सव 2026’ का शुभारंभ पुष्कर सिंह धामी किया। यहां 26 गढ़वाली-कुमाउंनी पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष मिलिंद सुधाकर मराठे ने पुस्तकों को मन का व्यायाम बताते हुए उत्तराखंड की बौद्धिक विरासत को रेखांकित किया।इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान को पीढ़ियों तक जीवित रखती हैं और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना आवश्यक है। वहीं आचार्य बालकृष्ण ने इसे ज्ञान-संस्कृति के आदान-प्रदान का मंच बताते हुए मूल लेखकों को पढ़ने पर जोर दिया, वहीं राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक ने विश्वास जताया कि यह महोत्सव उत्तराखंड को वैश्विक साहित्यिक मानचित्र पर स्थापित करेगा।

