हल्द्वानी में वन निगम ने अपने व्यापार के लिए 50 वर्ष पुराने 41 हजार पेड़ों पर बेरहमी से आरी चला दी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की भांखड़ा रेंज की बेलबाबा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 121 हेक्टेयर के क्षेत्र में सागौन और खैर पेड़ लगे थे। अब इतने बड़े क्षेत्र में उजाड़ जैसी स्थिति दिख रही है। वर्ष 2025 में मानसून के बाद इन पेड़ों को काट दिया गया था। वन विभाग का दावा है कि कमर्शियल प्लांटेशन के तहत यह पेड़ काटे गए। इससे लगभग 73 करोड़ 10 लाख रुपये की आय हुई थी। वन निगम की ओर से इसकी रायल्टी वन विभाग को भी दी गई है।सागौन व खैर के इन हजारों पेड़ों को वन निगम ने अपने व्यापार का जरिया बना लिया। जबकि भीषण गर्मी में यह पेड़ न केवल शहर को शुद्ध हवा प्रदान करते थे, बल्कि वन्य जीवों व पशु-पक्षियों के लिए भी बेहद उपयोगी थे।

