Judge’s gavel, Themis sculpture and collection of legal books on the brown background.
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 23वीं बटालियन में राशन गबन घोटाले के मुख्य आरोपी और पूर्व कमांडेंट अशोक कुमार गुप्ता को बड़ी राहत मिली है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश मदन राम की अदालत ने बीते सोमवार आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानती के आधार पर प्रार्थना पत्र मंजूर किया।यह मामला दिसंबर 2023 में तब सुर्खियों में आया, जब सीबीआई ने आईटीबीपी की शिकायत पर अशोक कुमार गुप्ता और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोपियों पर जवानों के लिए राशन (मटन, चिकन, मछली, अंडे, पनीर और फल) की खरीद में 70.56 लाख रुपये का अनुचित लाभ कमाने का आरोप है।सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने विक्रेताओं के साथ मिलकर आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया और बढ़ा-चढ़ाकर बिल पेश किए गए। इसके अलावा एलएसी के पास चौकियों के लिए हीटिंग ऑयल और अन्य वस्तुओं की खरीद में भी अनियमितताएं पाई गई थीं।अदालत में अभियुक्त के बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी बेकसूर है। मामले में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। अब साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया बाकी नहीं रह गई है।मामले में सह आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। आरोपी ने समन जारी होने पर खुद अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया। चूंकि वह लोक सेवक हैं, इसलिए उनके फरार होने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं है। पिछला कोई आपराधिक रिकार्ड भी नहीं है।

