गांवों से हो रहे पलायन पर अंकुश लगाने की दिशा में सरकार गंभीरता से कदम उठा रही है। इस कड़ी में राज्य के 12 जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक पलायन वाले 474 गांवों के लिए मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना में 90 और सीमावर्ती पांच जिलों के चयनित विकासखंडों में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 155 योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना और मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम संचालित हैं, वे अन्य गांवों के लिए स्वरोजगार व आजीविका के मामलों में प्रेरणादायी माडल बनें, इस लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए। दोनों योजनाओं की अनुवीक्षण समिति की मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह जानकारी दी गई।मुख्य सचिव ने कहा कि पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर रिक्तता न रहे। जिलों से आने वाले प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया तेज करते हुए तय समयावधि में कार्य पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य आधारित और प्रभावी उपाय अपनाने पर जोर दिया, ताकि अपेक्षित परिणाम प्राप्त हो सकें।

