राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026-27 में सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट और वर्चुअल कक्षाओं की संख्या में वृद्धि की जाएगी।वर्तमान में प्रदेश के 1340 विद्यालय वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, जबकि 1881 जूनियर व माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं संचालित हो रही हैं। आगामी वित्तीय वर्ष में लगभग 400 और विद्यालयों को स्मार्ट एवं वर्चुअल क्लास से जोड़ने की तैयारी है।विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार से 981 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी, जिसमें से 92 प्रतिशत बजट व्यय किया जा चुका है। इस बार शिक्षा के स्तर में और सुधार लाने के उद्देश्य से बजट बढ़ाकर प्रस्तावित किया जाएगा।समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत शिक्षा विभाग ने करीब एक हजार करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना तैयार की है, जिसे केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस योजना में विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, शिक्षकों के प्रशिक्षण और छात्रों की सीखने की गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर दिया गया है।

