NEW DELHI, INDIA - JULY 22: RSS Chief Mohan Bhagwat speaks on the theme Issues of the World and Bharatiyata during the 10th Anuvrat Nyas Nidhi Vyakhyan organizing Indira Gandhi National Open University (IGNOU) and Akhil Bhartiya Anuvrat Nyas, at Dr. Ambedkar International Centre, on July 22, 2025 in New Delhi, India. (Photo by Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से हिमालयन कल्चरल सेंटर में आयोजित प्रमुखजन गोष्ठी में सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने कहा, स्वतंत्रता के बाद कई राजनीतिक दल अपने मूल मार्ग से भटक गए हैं।सरसंघचालक ने कहा कि सेना के लोग संघ की बौद्धिकता को छोड़ दें तो बाकी पूरी ट्रेनिंग पा चुके होते हैं। आर्म्स की ट्रेनिंग हम नहीं देते, उसके लिए सेना है। सेना को हम संघ की बात बताएं तो उनके लिए मिल जुलकर चलना बिल्कुल आसान है। सेना की तरह ही समाज भी चल सकता है। एक होने के लिए एक जैसा होना जरूरी नहीं, वो विदेशी सोच है। हमारा विचार है कि हम एक हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा को छोड़कर बाकी सभी गैर राजनीतिक संगठन हैं। उन्होंने कहा कि किसी प्रसिद्धी या प्रभाव के लिए नहीं, संघ देश के लिए चल रहा है। हम नहीं चाहते कि ये लिखा जाए कि समाज के कारण देश का भला हुआ, न कि संघ के कारण। उन्होंने पूर्व सैनिकों से कहा, चीनी कैसी है, खाकर देखो। बस ये गारंटी है कि चीनी के नाम पर साइनाइड नहीं मिलेगा।उन्होंने समाज की एकता पर बल देकर कहा कि सामाजिक शक्ति ही व्यक्तियों व नेतृत्व को बल प्रदान करती है। यदि समाज कमजोर है तो नेतृत्व प्रभावी नहीं हो सकता।कहा कि वर्ष 1857 की क्रांति में पराजय का बड़ा कारण आपसी एकता का अभाव था। राजनीतिक जागरूकता व क्रांतिकारियों के संघर्ष से बाद में एकजुटता का भाव पैदा हुआ और देश आजाद हुआ।

