शहर में प्रस्तावित रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड कारिडोर परियोजना के विरोध में दून और मसूरी के लगभग 150 नागरिकों की ओर से गत दिसंबर में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भेजा गया पत्र अब राज्य स्तर पर भी औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया गया है। मूल पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े गंभीर पर्यावरणीय और भूवैज्ञानिक खतरों पर राज्य को भी जवाब देना चाहिए।पत्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर, प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्धन, लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडेय तथा देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल को भेजा गया है।फोरम के अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने कहा कि 26 किमी लंबा एलिवेटेड रोड यातायात समस्या को सुलझाने के बदले नये क्षेत्रों में स्थानांतरित कर देगा।पत्र में एलिवेटेड कारिडोर को भूकंपीय रूप से संवेदनशील दून वैली के लिए जोखिमपूर्ण बताते हुए बाढ़, भूमि धंसाव, भूजल रिचार्ज में कमी, वायु गुणवत्ता और शहरी तापमान में गिरावट जैसी आशंका जताई गई हैं।

