केंद्र ने उत्तराखंड समेत छह राज्यों के लिए 10,000 किलोमीटर से अधिक लंबी ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत लिया गया फैसला उत्तराखंड के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इन सड़कों के बनने से देशभर में करीब 3,270 ऐसे गांव और बस्तियां जुड़ेंगी, जो अब तक सड़क सुविधा से कटे हुए थे। उत्तराखंड में इसका सीधा फायदा उन दूरस्थ और आपदा-संवेदनशील इलाकों को मिलेगा, जहां आज भी पहुंचना आसान नहीं है। सरकारी आकलन के मुताबिक उत्तराखंड में अभी भी हजारों किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की जरूरत बनी हुई है। कई गांव ऐसे हैं, जहां सड़क तो हैं लेकिन वह कच्ची है या हर मौसम में चलने लायक नहीं है। कहीं बरसात में रास्ता कट जाता है, तो कहीं भूस्खलन के कारण महीनों संपर्क टूट जाता है। ऐसे में नई सड़कों के साथ-साथ मौजूदा सड़कों को आल वेदर बनाने की भी बड़ी जरूरत है।

