जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में कपकोट निवासी जवान बलिदान हो गए। उनका पार्थिव शरीर आज मंगलवार को कपकोट लाया जाएगा। क्षेत्रवासियों को देश की सुरक्षा में बलिदान देने वाले जवान पर गर्व है लेकिन उनके निधन से लोग दुखी भी हैं।रविवार को वह किश्तवाड़ में आतंकियों की तलाश में चलाए जा रहे संयुक्त अभियान ऑपरेशन त्राशी का हिस्सा थे। छात्रू क्षेत्र के सुदूर-सिंहपोरा में सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया। इसी हमले में हवलदार गजेंद्र बलिदान हो गए। वह अपने पीछे पिता धन सिंह गढि़या, माता चंद्रा देवी गढि़या, पत्नी लीला गढि़या और दो बच्चे राहुल गढि़या और धीरज गढि़या को छोड़ गए हैं। उनका छोटा भाई किशोर गढि़या है।

