स्वास्थ्य महानिदेशालय में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि आयुष्मान योजना जन जीवन से जुड़ी बेहद अहम योजना है। इसकी संवेदनशीलता अन्य योजनाओं से कहीं अधिक है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना व अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना में आ रहे गैप फंडिंग को व्यवस्थित करने का प्रयास करेगी।सरकारी संस्थानों में ही समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर उपचार मिले। इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से प्रभावी बनाना होगा। सरकारी अस्पताल से मरीज को रेफर करने की वजह वहां तैनात चिकित्सा अधिकारी को स्पष्ट करनी होगी। इसके लिए हर एक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में आम जनमानस को उत्कृष्ट सेवाओं का भरोसा दिलाना होगा। सभी जनपदों में चिकित्सा विशेषज्ञों से लेकर अन्य जरूरी स्टाफ की पर्याप्त तैनाती कर दी गई है।मंत्री रावत ने कहा कि आयुष्मान के तहत निःशुल्क उपचार के लिए ज्यादातर लोग सरकारी के बजाए निजी अस्पतालों में जा रहे हैं। यदि अधिक लाभार्थी सरकारी अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में उपचार कराएं तो इससे योजना खर्च में कमी लाई जा सकती है।

