फरवरी माह में बरेली निवासी एक बारबर द्वारा क्षेत्र की दो नाबालिग किशोरियों को बहला फुसलाकर भगा कर ले जाने के बाद उपजे विवाद के चलते बाहर से आए 91 व्यापारियों को अपनी दुकानों से हाथ धोना पड़ा है।व्यापार मंडल द्वारा इन व्यापारियों का पंजीकरण निरस्त किए जाने के बाद शनिवार से दुकानें बंद हो गई हैं। बाहरी व्यापारियों ने एसडीएम से राहत की गुहार लगाई है। धारचूला के इस प्रकरण के बाद यहां पर आक्रोश फैल गया था। जनता ने जुलूस प्रदर्शन और बाजार बंद किए थे। इस दौरान बाहर से आए लोगों के विरुद्ध आक्रोश भड़का।स्थानीय लोगों द्वारा बाहर से आए व्यापारियों को भी यहां से बाहर करने की मांग उठी। इस क्रम में व्यापार मंडल और आंदोलनकारियों की एक कोर कमेटी का गठन किया गया। कोर कमेटी द्वारा निर्णय लिया गया कि वर्ष 2000 के बाद धारचूला आए बाहरी व्यापारियों का पंजीकरण रद किया जाए। इस क्रम में वर्ष 2000 के बाद बाहर से आए 175 व्यापारी चिह्नित किए गए।धारचूला में व्यापार के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। जिसमें 91 बाहरी व्यापारी अपना कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। शुक्रवार को व्यापार मंडल और कोर कमेटी की बैठक हुई। जिसमें 91 बाहरी व्यापारियों को शनिवार से दुकान नहीं खोलने को कहा गया और उनका पंजीकरण निरस्त कर दिया गया।इस संबंध में बाहरी व्यापारियों ने एसडीएम मंजीत सिंह से भेंट कर उन्हें राहत दिलाने की मांग की। एसडीएम ने व्यापार मंडल पदाधिकारियों से वार्ता कर बाहरी व्यापारियों द्वारा बताई गई परेशानियों से अवगत कराया।

