गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के निर्णय की जानकारी देते हुए सचिव परिवहन शैलेश बगोली ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करने और पुराने डीजल आधारित बसों, विक्रमों से हो रहे प्रदूषण को कम करने की दृष्टि से उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवहन नीति को मंजूरी प्रदान की गई है। प्रदेश में अब व्यावसायिक वाहन स्वामी यदि अपने वाहनों को स्क्रैप कर नई सीएनजी अथवा वैकल्पिक ईंधन बस खरीदते हैं तो परिवहन विभाग उन्हें बस की कीमत का 50 प्रतिशत का पूंजीगत अनुदान देगा। यह राशि अधिकतम 15 लाख रुपये होगी।शर्त यह है कि उक्त बस स्वामी के पास वाहन का वैध परमिट होना चाहिए। यह व्यवस्था परिवहन विभाग द्वारा जारी उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति, 2024 में की गई है। इस नीति को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देहरादून से शुरू किया जाएगा।

