पांवटा साहिब राजमार्ग पर टौंस नदी स्थित नंदा की चौकी का पुल 15 सितंबर 2025 की मध्यरात्रि अतिवृष्टि के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद पुनर्निर्मित पुल को 12 जुलाई 2026 को यातायात के लिए खोला गया। लेकिन 28 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे पुल की एप्रोच रोड धंस गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 12 घंटे के भीतर मरम्मत कर यातायात बहाल कर दिया गया था। नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड पर 28 जुलाई को हुए धंसाव के मामले में क्षेत्रीय मुख्य अभियंता की जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट शासन को सौंपी जा चुकी है। हालांकि, रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि पुल के डिजाइन को लेकर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
क्योंकि, किसी भी पुल के डिजाइन पर अंतिम निर्णय अधीक्षण अभियंता समेत विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं का होता है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होता है कि डिजाइन में सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रावधान शामिल हों। ऐसे में पूरी जिम्मेदारी केवल कंसल्टेंट पर नहीं डाली जा सकती।
