वन विभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों के शिकार के मामले में वन विभाग की टीम को सफलता हाथ मिली है. शुक्रवार को वन विभाग को कोर्ट से मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां की रिमांड मिल गई है. शुक्रवार को कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड दी है. आरोपी आमिर हमजा की रिमांड मिलने के बाद वन विभाग बाघों के पंजे रिकवर करने में जुटेगा. इसके लिए वन विभाग की एसडीओ पूनम सिलोरी के नेतृत्व में टीम का गठन भी किया गया है. रिमांड पीरियड में आरोपी से वन विभाग की टीम गहनता से पूछताछ करेगी.केस में अन्य लोगों की संलिप्तता की जानकारी जुटाई जाएगी. हालांकि टीम ने बाघों के पंजे काटने में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मृत भैंस के ऊपर छिड़का गया जहर (खेतों में डालने वाला केमिकल) पहले ही बरामद कर लिया था. जांच और गिरफ्तार आरोपियों से की गई पूछताछ में सामने आया था कि आमिर हमजा उर्फ मियां ने ही बाघों के पंजे काटे थे और उसी के पास पंजों की जानकारी है. क्योंकि अभी तक दोनों बाघों के पंजे बरामद नहीं हुए हैं. रिमांड मिलने के बाद आमिर हमजा उर्फ मियां कई बड़े राज खोल सकता है. इस मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं जुड़ा है.जांच में सामने आया कि जहरीला मांस देकर बाघों का शिकार करने का प्लान, मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां ने ही बनाया था. उसी ने मृत भैंस के ऊपर जहरीला पदार्थ छिड़कने से लेकर बाघों के पंजे काटे थे. बाकी साथी उसका साथ दे रहे थे. हालांकि वन विभाग की टीम को पंजे तो बरामद नहीं हुई लेकिन आमिर हमजा के चार साथियों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इसके बाद हमजा ने भी गिरफ्तारी के डर से वन विभाग की टीम को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. कोर्ट से हमजा की रिमांड मंजूर हो गई है, तीन दिन तक हमजा से पूछताछ की जाएगी. साथ ही उसे जंगल में घटना स्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट किया जा एकता है. अधिकारियों को उम्मीद है कि आमिर हमजा कई राज उगल सकता है.
