अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए महिलाओं, युवाओं व पूर्व सैनिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौन मार्च निकाला ,लोकभवन जाने की जिद पर अड़े कार्यकर्ताओं के मौन मार्च को पुलिस ने हाथीबड़कला चौकी पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया।इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। नाराज कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए।गुरुवार को गांधी पार्क में सुबह 11 बजे अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर महिलाएं, युवा, पूर्व सैनिक व विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एकत्रित हुए।यहा से मौन मार्च के रूप में लोगों ने लोकभवन के लिए आगे बढ़ना शुरू किया। पहले दिलाराम चौक पर पुलिस ने मार्च को रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने पुलिस की बात मानने से इन्कार कर दिया।ऐसे में हाथीबड़कला चौकी के सामने पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मौन मार्च को रोक लिया। लोकभवन जाने से रोकने पर खफा लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।संगठन ने प्रतिनिधिमंडल के जरिये राज्यपाल से मुलाकात की इच्छा जताई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में प्रदर्शन करने के बाद मायूस कार्यकर्ता घरों को लौट गए।कमला पंत ने कहा कि राष्ट्रपति को 40 पृष्ठ का हस्ताक्षरयुक्त अभ्यावेदन भेजा गया है। जन प्रहार की संयोजक सुजाता पाल ने कहा कि अब हर जिला मुख्यालय, ब्लाक व न्याय पंचायत पर बैठकें आयोजित होंगी।इसकी शुरुआत बजट सत्र के दौरान गैरसैंण से की जाएगी।

