बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य की नई आवास नीति को मंजूरी दे दी गई।सरकार ने इसके तहत कमजोर आय वर्ग को आवास उपलब्ध कराने के दृष्टिगत लाभार्थी की वार्षिक आय सीमा को तीन से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है। पहली बार निम्न और निम्न मध्यम वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग के लिए भी वार्षिक आय सीमा निर्धारित की गई है। आवास नीति में पहली बार पर्वतीय क्षेत्र बाखली शैली की आवासीय परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।बाखली शैली की आवासीय परियोजना में लाभार्थियों को 5.25 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा, जबकि अन्य आवासीय परियोजनाओं में केंद्र व राज्य का यह अनुदान मिलाकर चार लाख रुपये होगा। यही नहीं, सरकार ने आवासीय परियोजनाओं के विकासकर्ताओं को भी भू उपयोग परिवर्तन समेत अन्य शुल्क में छूट दी है।
- कमजोर आय वर्ग के लिए वार्षिक आय अब पांच लाख
- आवास उपलब्धता में परिवार की महिला सदस्य को प्राथमिकता
- आवासीय परियोजना में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की अनिवार्यता
- पहाड़ की बाखली शैली के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर
- कमजोर आय वर्ग के लिए राज्य अनुदान दो लाख प्रति आवास
लाभार्थियों का वर्गीकरण
- वर्ग, वार्षिक आय, प्लाट का क्षेत्रफल, कार्पेट एरिया
- कमजोर आय, 5.00, 45, 30 तक
- निम्न आय, 5.00-9.00, 45-60, 30-45
- निम्न मध्यम आय, 9.00-12.00,, 60-75, 56-60
- सामान्य, 12.00 से अधिक, 75 से अधिक, 60 से अधिक
- (नोट: आय लाख में और क्षेत्रफल वर्ग मीटर में)
आवास के लिए यह होंगी दरें
- वर्ग, धनराशि
- कमजोर आय, नौ लाख
- निम्न आय, 15 लाख
- निम्न मध्यम आय, 24 लाख

