देहरादून की त्यूणी तहसील के दुर्गम गांव डिरनाड़ में छानी में आग लगने से दो नेपाली मजदूर जिंदा जल गए। आग इतनी विकराल थी कि छानी के आसपास के सेब के कई पेड़ भी झुलस गए। राजस्व पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। राजस्व पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, कथियान गांव के रहने वाले राजेंद्र खत्री का डिरनाड़ गांव में सेब का बगीचा है। बगीचे में ही आवासीय छानी है। छानी गांव से कुछ दूरी पर बनी थी। बगीचों में काम करने के लिए उन्होंने नेपाली मूल के दो मजदूरों मोहन लाल (49) और गणेश (59) को रखा हुआ था। दोनों छानी में ही रहते थे।
