मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार प्रवासियों की सुविधा के लिए राज्य में प्रवासी उत्तराखंड बोर्ड का गठन करेगी। उन्होंने उत्तराखंड में प्रवासी उत्तराखंड दिवस मनाए जाने की भी घोषणा की। वह विभिन्न देशों में निवास कर रहे प्रवासी उत्तराखंडियों से वर्चुअल संवाद कर रहे थे। उन्होंने प्रवासियों का आह्वान किया कि वे अपनी जन्मभूमि के किसी दुर्गम क्षेत्र के गांव को गोद लें। उन्होंने कहा कि विदेशों में प्रवासी उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने अपनी मेहनत, लगन एवं बौद्धिक क्षमता से उत्तराखंड के बाहर देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने सभी से अपेक्षा की कि वे अपनी जन्मभूमि के किसी दुर्गम क्षेत्र के गांव को गोद लेकर उसके समग्र विकास में सहयोगी बनें। इसमें राज्य सरकार भी सहयोगी रहेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडवासियों के सहयोग एवं सहायता के लिए पूर्व में प्रवासी प्रकोष्ठ बनाया गया था। इसे और अधिक सुविधा युक्त बनाये जाने के लिये प्रवासी उत्तराखंड बोर्ड का भी गठन किया जाएगा। साथ ही प्रवासी भारतीय दिवस की भांति राज्य में देश व विदेशों में रहने वाले प्रवासियों का सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे ताकि उनके विचार एवं सुझावों पर चिंतन एवं मनन हो सके। इस मंथन से निकलने वाला अमृत निश्चित रूप से देश व प्रदेश के विकास में फलीभूत होगा।इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी प्रवासियों का अलग-अलग टाइम जोन में रहते हुए संवाद से जुड़ने के लिये सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रवासी विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड में अपना योगदान दें।

