आगामी लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत एक ही जिले में तीन वर्ष से अधिक समय से तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानांतरण किए जाएंगे। बशर्ते ये कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से चुनाव से जुड़े रहे हों। मुख्य सचिव के निर्देशों के क्रम में सभी विभागों ने ऐसे कर्मचारियों की सूची बना कर शासन को भेजनी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह ऐसे कार्मिकों की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से चुनाव कराने के लिए निर्वाचन से संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन से जुड़े कर्मचारियों को उनके गृह जिले अथवा उन स्थानों पर तैनात न किया जाए, जहां उन्होंने लंबे समय तक सेवा दी है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि पिछले चार वर्षों में यदि किसी कार्मिक ने तीन वर्ष एक ही जिले में पूरे कर लिए हों तो उसका स्थानांतरण किया जाए। इसमें उसी जिले में मिली पदोन्नति के समय की भी गणना की जाएगी। ये आदेश सभी विभागों में लागू होंगे। आयोग ने यह भी अपेक्षा की है कि अगर किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध किसी न्यायालय में आपराधिक मामला लंबित है, तो उसे भी चुनाव ड्यूटी में शामिल न किया जाए।

