अब तक दून में कोरोना के दो मामले मिले हैं। इनमें चकराता रोड निवासी 77 वर्षीय बुजुर्ग मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। जिनकी रिपोर्ट पाजिटिव आते ही उन्हें दून मेडिकल कालेज भेजे जाने की तैयारी होने लगी। यह अलग बात है कि उनकी बेटी स्वयं चिकित्सक हैं, जो अपने पिता को स्वेच्छा से घर ले गईं। उनका होम आइसोलेशन में उपचार चल रहा है। वहीं, कोरोना पॉजिटिव मिली 72 वर्षीय बुजुर्ग का उपचार सिटी हार्ट सेंटर में चल रहा था।कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उन्हें भी दून मेडिकल भेज दिया गया। माना जा रहा है कि निजी अस्पताल नहीं चाहते कि कोरोना संक्रमण की आशंका से उनकी ओपीडी, आइपीडी प्रभावित हो। जिस कारण वह कोरोना संक्रमित को अपने यहां भर्ती रखने में कतरा रहे हैं।स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार का कहना है कि सरकारी अस्पताल कोरोना संक्रमितों को उपचार देने में पूर्णत: सक्षम हैं। उन्हें बेहतर से बेहतर उपचार दिया जाएगा। फिर भी कोई निजी अस्पताल जानबूझकर ऐसा कर रहा है तो वह गलत है।
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February 25, 2026

