उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने आयोग के समक्ष एक याचिका दायर कर अक्तूबर से दिसंबर 2025 की तिमाही के लिए ईंधन और बिजली खरीद लागत समायोजन (एफपीपीसीए) को मंजूरी देने की मांग की थी। यूपीसीएल के आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में कंपनी को अतिरिक्त बिजली खरीद के लिए 59.17 करोड़ खर्च करने पड़े थे। इसके विपरीत, यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं से बिलों के माध्यम से 60.56 करोड़ यानी 1.39 करोड़ अधिक वसूल कर लिए। यूपीसीएल ने आयोग से अनुरोध किया था कि इस अतिरिक्त राशि को अगली तिमाही के खर्चों में आगे ले जाने की अनुमति दी जाए।
