नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक के आलोक में मंगलवार को राज्य विधानसभा के विशेष सत्र में ‘नारी सम्मान: लोकतंत्र में अधिकार’ विषय पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के मध्य तीखी बहस हुई।छह घंटे चली चर्चा के बाद शाम को कांग्रेस के हंगामे के बीच लोकसभा में संशोधन विधेयक का विरोध करने वाली कांग्रेस समेत विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार देने के मुद्दे पर भी विपक्षी दल सियासत कर रहे हैं। साथ ही परिसीमन के मुद्दे पर भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले इस अधिनियम को पढ़ ले।इससे पहले नेता सदन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर जमकर बरसे और कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को आरक्षण देने के प्रयास रोककर पाप नहीं, महापाप किया है और उसे इसका प्रायश्चित करना चाहिए।वहीं, विपक्ष कांग्रेस ने भाजपानीत सरकार पर पलटवार करते हुए वर्ष 2023 में पारित अधिनियम को लागू करने में टालमटोल करने का आरोप लगाया।मुख्यमंत्री धामी ने विशेष सत्र में चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि विपक्ष का असल विरोध इस बात को लेकर है कि कहीं इस ऐतिहासिक पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को न मिल जाए।उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन का बहाना बनाकर विधेयक की राह में बाधाएं खड़ी की गईं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह साफ कर चुके थे कि परिसीमन में किसी भी राज्य की सीटों के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।
