मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सुझावों और मार्गदर्शन पर राज्य सरकार की ओर से की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने बताया कि उत्तराखंड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए चोपता, दुगलबिट्टा, पटवाडांगर व शारदा कारीडोर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है।रामनगर, देहरादून, ऋषिकेश व त्रियुगीनारायण पहले ही लोकप्रिय वेडिंग डेस्टिनेशन बन चुके हैं। राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन के दृष्टिगत नीति भी तैयार की जा रही है।उन्होंने साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए हाउस आफ हिमालयाज के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के साथ ही शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, एक जिला-एक मेला, क्लस्टर विद्यालय समेत अन्य पहल की जानकारी भी दी।उन्होंने राज्य की सामरिक स्थिति, उपलब्ध प्रशिक्षित मानव संसाधन और विकसित ढांचे को इस दिशा में उपयुक्त बताया। साथ ही आग्रह किया कि कोटद्वार, हरिद्वार व देहरादून को रक्षा उपकरण उत्पाद इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किया जाए।उन्होंने कुंभ के लिए 500 करोड़ की सहायता समेत विभिन्न योजनाओं में सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।शीतकालीन यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आदि कैलास की यात्रा में वर्ष 2025 में 36453 श्रद्धालु दर्शन को आए।मुख्यमंत्री ने पीएम को बताया कि राज्य में आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में बेल केदार, अंजनीसैंण-टिहरी और लोहाघाट-श्यामलाताल क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है।

