सोमवार को मच्छी बाजार में हुई दिल दहलाने वाली हत्या की घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। भारी भीड़ एकत्र हुई तो पुलिस को अतिरिक्त फोर्स तैनात करना पड़ा।घटना से गुस्साए लोगों ने जहां पुलिस के विरोध में नारे लगाए, वहीं दुकानें भी बंद करवा दीं। उन्होंने दोपहर बाद तक पलटन बाजार व उसके आसपास कोई भी दुकान नहीं खुलने दीं। कुछ दुकानदारों ने जब दुकानें खोलने का प्रयास किया तो उनकी दुकानें जबरन बंद कराईं। कुछ जगहों पर इसको लेकर झड़प भी हुई।गुंजन की जान को खतरा बताते हुए परिजनों ने खुड़बुड़ा चौकी में महज तीन दिन पहले ही शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने इस गंभीरता से नहीं लिया।परिजनों के मुताबिक करीब आठ महीने पहले भी आकाश और गुंजन बीच विवाद हुआ था। तब पुलिस ने दोनों को समझाकर मामले को शांत कर दिया था।परिजनों ने बताया कि गुंजन और आकाश दोनों तीन वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। गुंजन दूल्हा बाजार में कपड़ों की एक दुकान में काम करती थी। आरोपी भी उसी बाजार की एक अन्य दुकान में काम करता है। दोनों की दोस्ती के बारे में पता चला तो उन्होंने गुंजन से फोन ले लिया। इस बीच दोनों के बीच बात होनी बंद हो गई।परिजनों के अनुसार आरोपी शादीशुदा था और गुंजन को लगातार परेशान कर रहा था। काम पर जाते समय पीछा भी करता था। इसकी कई बार पुलिस में भी शिकायत की गई लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। तीन दिन पहले जब आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति से कहा कि वह गुंजन को जान से मार देगा।इसके बाद उनकी ओर से फिर से खुड़बुड़ा चौकी में शिकायत की गई। इन तीन दिनों में पुलिस आरोपी से फोन पर बात तक नहीं कर पाई। कार्रवाई में कोताही बरतने पर खुड़बुड़ा चौकी इंचार्ज प्रद्युम्न नेगी को सस्पेंड किया गया है। परिजनों की ओर से कई बार पुलिस से शिकायत की गई थी। तीन दिन पहले भी गुंजन की जान को खतरा बताते हुए शिकायत दी पर इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, एसएसपी अजय सिंह की ओर से चौकी इंचार्ज प्रद्युम्न नेगी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।पुलिस के मुताबिक आरोपी आकाश चोरी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। वह डेढ़ महीने तक जेल में रहा था। ऐसे में कुछ महीने पहले आरोपी को दुकान से भी हटा दिया गया था। बाद में उसी बाजार की एक दूसरी दुकान में आरोपी काम करने लगा। लोगों में इस बात का भी आक्रोश है कि किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि जाने बिना कोई कैसे काम दे सकता है।