शातिर अपराधियों ने बैंक में नकली सोना गिरवी रखकर उस पर 36.16 लाख रुपये का ऋण ले लिया। किश्तें जमा न करने पर जब बैंक ने आरोपितों से संपर्क किया तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया। शक होने पर बैंक की ओर से जब सोने की जांच कराई गई तो वह नकली निकला।इंडियन ओवरसीज बैंक की मालसी शाखा की शाखा प्रबंधक ऋतु गुप्ता ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि 16 अक्टूबर 2024 को राजन निवासी नेवदा हाउसिंग कांपलेक्स, सेवक पार्क एक्सटेंशन उत्तम नगर, दिल्ली शाखा में आया। राजन ने जमीन खरीदने में वित्तीय परेशानी बताकर गहने गिरवी रखकर गोल्ड लोन लिया। इसमें सोने का एक ब्रेस्लेट व एक चेन थी।बैक ने मूल्याकंनकर्ता सुधीर को बुलाकर गुणवत्ता एवं मूल्यांकन की रिपोर्ट मांगी, जिसके आधार पर 3.50 लाख रुपये का ऋण राजन के बचत खाते में हस्तांतरित कर दिया। आरोपित ने उसी दिन पूरी धनराशि आइसीआइसीआइ बैंक की दिल्ली स्थित शाखा में स्थानांतरित कर दी।दूसरी बार वह 16 दिसंबर 2024 को बैंक शाखा में आया और वित्तीय परेशानी बताकर गहनों को बैंक में गिरवी रखकर 4,48,569 रुपये का ऋण लिया और उसी दिन रकम दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दी।आरोपित ने अपने सहयोगी योगेश त्यागी निवासी सीलमपुर दिल्ली, सौरभ सिंह निवासी आइटी पार्क खुदानेवाला, जय शर्मा निवासी शामली, उत्तर प्रदेश व सुनीता थापा निवासी मसूरी रोड, राजपुर को गवाह बनाकर व उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक के साथ धोखाधड़ी की। इस मामले में राजपुर थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड राजन सोरन उसके साथी सौरभ, योगेश त्यागी, जय शर्मा व सुनीता थापा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

