प्रदेश के वित्त पर भारत के नियंत्रक एन महालेखापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट उम्मीद जगाने वाली है। प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का आंकड़ा 03.02 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। वर्ष 2021-22 की तुलना में इसमें 11.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी के अनुरूप राज्य के बजट का आकार भी निरंतर बढ़ रहा है।यह 2018-19 के मुकाबले 10.59 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि के साथ 71 हजार करोड़ रुपए को पार कर गया है। राहत की बात है कि निरंतर बढ़ रहे बजट के आकार के साथ ही राजस्व घाटा अब बीते दिनों की बात रह गया है। वर्ष 2022-23 में उत्तराखंड में 5310 करोड़ रुपए का राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) रहा। इसी के साथ राजकोषीय घाटे में भी कमी लाने में राज्य की मशीनरी सफल रही।31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए तैयार की गई कैग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018-19 में प्रदेश का राजस्व घाटा 980 करोड़ रुपए था। जो जीएसडीपी का 0.43 प्रतिशत था। इसके बाद पहली बार राजस्व घाटे को वर्ष 2021-22 में ने सिर्फ बड़े अंतर से समाप्त किया गया, बल्कि यह 4128 करोड़ रुपए सरप्लस भी रहा।

