मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए उत्तराखंड में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर ने देहरादून की मतदाता सूची से जुड़े कई स्तरों की विसंगतियां सामने ला दी हैं।उत्तराखंड में एसआईआर की प्रक्रिया बीते आठ जून से शुरू हुई। बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए और उनसे संबंधित विवरण एकत्र किए। सात जुलाई तक गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रह और उनके डिजिटाइजेशन का काम किया गया। देहरादून जिले में भी इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाता रिकार्ड की जांच की गई। जिसमें सबसे चौंकाने वाली गड़बड़ी यह पकड़ी गई कि नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों के नाम भारतीय मतदाता सूची में दर्ज थे। जिन्हें तत्काल हटा भी दिया गया, लेकिन विदेशी नागरिकों के भारतीय मतदाता बने होने से सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।
