विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी आने से वहां काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए थे। इसमें करीब नौ मजदूरों की मौत हो गई। कई मजदूरों की तलाश अब भी जारी है।जलविद्युत परियोजना की क्षमता 444 मेगावाट है और परियोजना का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। ऐसे में लगातार दूसरी दुर्घटना होना चिंता का विषय है। सुरंग के भीतर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।इस हादसे में वहां काम कर रहे नौ श्रमिकों की मौत हो गई
वहीं, छह अन्य श्रमिकों की तलाश के लिए ऑपरेशन जारी है। 10 घायल श्रमिकों का जिला अस्पताल गोपेश्वर, एक श्रीनगर और एक पीपल कोटी में इलाज चल रहा है। एक घायल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जायरा ने कहा लगातार ऑपरेशन जारी रहेगा। वहीं, दलदल और पानी होने से ऑपरेशन रात्रि के लिए स्थगित किया था। सुरंग के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण राहत-बचाव अभियान रोक दिया गया था। शुक्रवार की सुबह दोबारा ऑपरेशन शुरू किया जाएग।
