आईटी पार्क में राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावी आपदा प्रबंधन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य में आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, त्वरित निर्णय, बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीकों का उपयोग आवश्यक है।राज्य में एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, डिजिटल निगरानी प्रणाली, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग व डाटा आधारित जोखिम आकलन जैसी आधुनिक तकनीकों को आपदा प्रबंधन से जोड़ा जा रहा है, जिससे संभावित खतरों का समय रहते सटीक आकलन कर जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित राहत व बचाव सुनिश्चित करने के लिए रैपिड रिस्पांस टीमों को सशक्त बनाया गया है।Uttarakhand: सीएम धामी के निर्देश, प्रदेश को आपदा प्रबंधन में देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए काम करें ,इस मौके पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेनि), सचिव विनोद सुमन, गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी अग्निशमन विम्मी सचदेवा, अपर सचिव प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा मौजूद रहे।
