मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेधावी छात्र-छात्राओं को जीवन में कामयाबी के लिए मंत्र दिए। कहा, कोई भी चुनौती आए धैर्य नहीं खोना है। स्थिर होकर चुनौतियों का मुकाबला करेंगे तो चुनौतियां आकर निकल जाएंगी और सफलता के रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने मेधावियों को बधाई देते हुए कहा, मेरिट में आकर आप भी रोल मॉडल हो गए हैं। छोटी कक्षा के छात्र भी आपके पास आएंगे और पूछेंगे पढ़ने का टाइम टेबल क्या था, कितने घंटे पढ़ते थे, दिनचर्या कैसी रहती थी। मेधावी छात्रों की जिम्मेदारी है कि अपने जूनियर को आगे
सीएम ने कहा, अमर उजाला की ओर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की यह पहल सराहनीय है,
हमारे समय में मुख्यमंत्री से सम्मान तो दूर मिलने की सिफारिश नहीं होती थी। लेकिन आज अमर उजाला यह अवसर दे रहा है। सम्मान मेहनत व परिश्रम का परिणाम है। मेधावियों का सम्मान अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित
कार्यक्रम में अमर उजाला के संपादक अनूप वाजपेयी ने सामाजिक क्षेत्र में अमर उजाला की ओर से किए जा रहे कार्यों और अखबार के महत्व के बारे में जानकारी दी। सीएम ने मेधावियों को कामयाबी के मंत्र दिए। उन्होंने कहा, बड़े सपने देखा और उसे साकार करने के लिए पूरी लग्न से मेहनत करो।
हर व्यक्ति के अंदर विद्यार्थी जीवन भर रहता है, लेकिन स्कूली विद्यार्थी का जीवन लौटकर नहीं आता है। किसी भी क्षेत्र में जाना है तो मन व शरीर उसी में लगाना है। आधा अधूरा काम नहीं करना है। सफलता पाने में चुनौतियां आए तो धैर्य बना कर सामना करें। बालपन, जवानी व जिंदगानी बार-बार नहीं आती है।
