नगर निगम क्षेत्र में स्थित कुल 129 बस्तियों को चिहि्नत किया गया है, जिनमें 40 हजार भवन होने का अनुमान है। हालांकि, वर्ष-2016 के बाद किए गए निर्माण नियमानुसार अवैध करार दिए गए हैं। कोई रोक-टोक न होने के कारण शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से बस्तियों का विस्तार कर दिया गया और सैकड़ों नए भवन तैयार कर दिया गया। इस ओर बीते आठ वर्ष से नगर निगम ने भी ध्यान नहीं दिया।अब हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने बस्तियों में वर्ष-2016 के बाद बने अवैध भवनों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में रिस्पना नदी के किनारे स्थित बस्तियों में अवैध निर्माण चिहि्नत किए जा रहे हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर सर्वे पूरा हो जाएगा। इसके बाद नोटिस भेजकर निर्माण ध्वस्त करने को कहा जाएगा। स्वयं निर्माण न हटाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिंदाल नदी के किनारे भी जल्द सर्वे होगा।नगर निगम की टीम यह जांच कर रही है कि वर्ष 2016 के बाद मलिन बस्तियों में बिजली-पानी के कनेक्शन लिए गए हैं या नहीं। इसके लिए ऊर्जा निगम और जल संस्थान का भी सहयोग लिया जा रहा है।

