आठ अप्रैल यानी सोमवार को साल का पहला पूर्ण सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। यद्यपि यह ग्रहण भारत से नहीं देखा जा सकेगा, इसलिए भारत के तीन विज्ञानी व एक इंजीनियर इसके अध्ययन के लिए अमेरिका रवाना हुए हैंआर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) नैनीताल के निदेशक और आदित्य एल-1 साइंस ग्रुप कमेटी व आउटरीच विभाग के सह अध्यक्ष प्रो. दीपांकर बनर्जी ने बताया कि यह पूर्ण सूर्यग्रहण इस बार कई मायनों में खास होगा।सूर्य की कुछ अनसुलझी गुत्थियां सुलझ सकें। आदित्य एल-1 के लिए भी यह पहला मौका होगा। जिसे वह करीब से देख सकेगा और ग्रहण की तस्वीरों को हम तक पहुंचाएगा। प्रो. दीपांकर के अलावा एरीज के ही सौर विज्ञानी डा. एस कृष्णा प्रसाद व इंजीनियर टीएस कुमार टेक्सास और भारतीय तारा भौतिकी संस्थान बेंगलुरु के पूर्व विज्ञानी प्रो. आरसी कपूर मैक्सिको से पूर्ण सूर्यग्रहण का अध्ययन करेंगे।

