दून में ढाई माह से दहशत का पर्याय बना आदमखोर गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग के अधिकारियों व चिकित्सकों के अनुसार, यह वही गुलदार है, जिसने डेढ़ माह के अंदर सिगली गांव और मराड़ी गुर्जर बस्ती में दो बच्चों को निवाला बनाया था। इसके आतंक से मालसी और रायपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत बनी हुई थी।आदमखोर को पकड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन विभाग को निर्देश दिए थे। दून में जंगलों से सटे क्षेत्रों में कुछ माह से गुलदार की चहलकदमी बनी हुई थी। करीब दो माह पूर्व सिगली गांव में घर के आंगन से गुलदार चार वर्षीय बच्चे को उठा ले गया था। इसके कुछ दिन बाद सोंधोवाली क्षेत्र में रिस्पना नदी के पास भी गुलदार ने 12 वर्षीय बालक पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।फिलहाल, गुलदार को रेस्क्यू सेंटर में ही पिंजरे में रखा जाएगा। वन विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने झोंक दी थी ताकत आदमखोर हो चुके गुलदार को पकड़ने के लिए रायपुर व मालसी रेंज से दो विशेष टीमों का गठन किया गया था गुरुवार सुबह रिखोली बीट के अंतर्गत कल्डियाणा-बितरली ग्रामसभा के वन क्षेत्र में गुलदार पिंजरे में कैद हो गया।प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी वैभव कुमार ने बताया कि गुलदार लगभग पांच से छह वर्ष का स्वस्थ वयस्क नर है, जिसके बायीं तरफ के ऊपर व नीचे के दोनों कैनाइन दांत क्षतिग्रस्त हैं।

