उत्तराखंड में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) के क्षेत्र में दक्ष बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। धामी सरकार ने प्रदेश में प्रतिवर्ष एक लाख युवाओं को एआइ से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।एआइ का प्रभाव अब शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, अनुसंधान, प्रशासन और दैनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनमें विज्ञानी दृष्टिकोण, आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने के साथ भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में प्रदेश के विश्वविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।उच्च शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य विश्वविद्यालय समेत सभी 45 विश्वविद्यालयों में एआइ की पढ़ाई और प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के 1100 विद्यार्थी एआइ में दक्ष हो चुके हैं।
