closeup of the feet of a dead body covered with a sheet, with a blank tag tied on the big toe of his left foot, in monochrome, with a vignette added
आजाद कॉलोनी निवासी मोहम्मद सारिक 17 जुलाई की रात घर से लापता हो गया था। वह निजी विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। 18 जुलाई को स्वजन ने पटेलनगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने युवक की तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक उसका पता नहीं चल पाया। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम कर दिया था। तीन माह से अधिक समय बीतने के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे।इसी बीच किमाड़ी से आगे जंगल में करीब सात किलोमीटर अंदर एक कंकाल मिला। मौके पर पहुंचे स्वजन ने वहां मिले कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान मोहम्मद सारिक के रूप में की। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों ने मोहम्मद सारिक के साथ रहने वाले दो युवकों पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है। आरोप है कि युवक के लापता होने के पीछे इन दोनों की भूमिका हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक किन परिस्थितियों में लापता हुआ और उसकी मौत कैसे हुई। पटेलनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
