हरिद्वार और रुड़की को सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की अमृत 1.0 योजना के तहत प्रस्तावित हरिद्वार-रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर जनसुनवाई पूरी कर ली गई है।हरिद्वार से करीब 350 और रुड़की से लगभग 550 सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त हुईं। इन पर बिंदुवार विचार-विमर्श किया गया। आवास सचिव ने निर्देश दिए कि जनता के हर सुझाव का गंभीरता और पारदर्शिता के साथ परीक्षण किया जाए, ताकि योजना व्यावहारिक और जनहितैषी बने।सचिवालय में आवास सचिव डा. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।इसमें भू-उपयोग, आवासीय और औद्योगिक विकास, यातायात प्रबंधन, आधारभूत ढांचे का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया आवास सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरिद्वार और रुड़की को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। महायोजना-2041 का उद्देश्य केवल भौतिक विकास नहीं, बल्कि बेहतर पर्यावरण, सुगम यातायात, मजबूत बुनियादी ढांचा और उच्च जीवन स्तर सुनिश्चित करना भी है।चीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव ने महायोजना के प्रारूप, अब तक की प्रगति और आगामी चरणों की विस्तृत प्रस्तुति दी।अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि महायोजना को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप देकर शीघ्र शासन स्तर पर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाए। बैठक में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

