उत्तराखंड के गोपेश्वर और टिहरी में भू-धंसाव और भूस्खलन से खतरा बढ़ गया है। गोपेश्वर में भू-धंसाव और भूस्खलन प्रभावित क्यूंजा घाटी के किणझाणी गंव के 60 परिवारों और टिहरी के भिलंगना ब्लाक के 31 परिवारों ने घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले ली है।किणझाणी गांव के निचले क्षेत्र में खेतों में दरारें पड़ गई है, जिससे कृषि भूमि भी तहस-नहस हो गई है। यहां के 14 आपदा प्रभावित परिवार स्कूलों में रह रहे हैं, जबकि 44 परिवार अपने नाते रिश्तेदारों के घर चले गए हैं।उधर, घनसाली के भिलंगना ब्लाक के आपद प्रभावित घुत्तू क्षेत्र में मैडू ग्राम पंचायत के कनियाज और भाटगांव नामेतोक में जमीन धंसने से कई मकानों में दरारें पड़ गई हैं। यहां के 31 परिवारों ने घर खाली कर गांव के प्रार्थमिक स्कूल में शरण ले ली है। जबकि मेंडू गांव के नीचे भिलंगना नदी से भूकटाव होने से खतरा बढ़ रहा है। प्रभावितों ने विस्थापन करने और नदी का कटाव रोकने के उपाय की मांग की है।

