रविवार को उत्तराखंड के राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने ज्योतिष महाकुंभ का शुभांरभ किया। उन्होंने कहा कि 500 साल बाद अयोध्या में भव्य-दिव्य राम मंदिर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने कोविड महामारी में भारत के नमस्ते को सीखा। अब देश को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।राज्यपाल ने कहा कि 2024 अपने आप में अलग है। जब वह कुछ दिन पहले सोमनाथ मंदिर गए थे तो उन्हें ऐसा ज्ञान हुआ कि 1026 में मुगलों ने अत्याचार, लूट, बर्बरता दिखाई थी। वर्ष 2026 में 1000 साल पूरे होने वाले हैं। मंदिर का निर्माण, दिव्य रूप में फिर हो रहा है। यहां अयोध्या में 500 साल के बाद में इस दिव्यता, भव्यता का एक नया आगमन है। ब्रह्मांड का आदेश है कि भारत अपनी सभ्यता, संस्कृति के साथ जुड़े। अगर आपको ब्रह्मांड का महा सत्य खोजना है तो उस सूर्य की ज्योति से बनी ज्योतिष विद्या के साथ जुड़ना बहुत जरूरी है।रविवार को ग्राफिक एरा विवि के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि कोविड महामारी में पूरी दुनिया ने हमारे राष्ट्र की हाथ जोड़कर नमस्ते करने की संस्कृति को अपनाया। ज्योतिष शास्त्र को कोई रोक नहीं सकता। ब्रह्मांड का सबसे सत्य व गहरा साइंस ज्योतिष ही है। हमें अपनी शक्ति को पहचानना है। हमें अपनी सभ्यता, संस्कृति व तकनीक का त्रिशूल पूरी दुनिया के पटल पर पहुंचाना है।महाकुंभ के दूसरे दिन आठ जनवरी को ग्राफिक एरा विवि में ज्योतिषीय विधाओं पर संवाद कार्यक्रम होगा। इस दौरान एक ओर जहां सभी ज्योतिषी मौजूद रहेंगे तो आम जनता को भी इसमें शामिल होने का मौका मिलेगा। महाकुंभ के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ज्योतिषियों को सम्मानित करेंगे।

