लोकसभा एवं राज्यसभा में संसद की सुरक्षा में हुई चूक के मुद्दे पर बहस के दौरान 143 सांसदों को निलंबित किए जाने के मामले में कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने राजभवन कूच किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। यहां धक्कामुक्की के साथ कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी बहस हुई।कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में राजभवन की ओर कूच किया। इस दौरान माहरा ने कहा कि लोकसभा एवं राज्यसभा में संसद की सुरक्षा में हुई चूक के मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी दलों के 143 सांसदों की अलोकतांत्रिक तरीके से निलंबित किया गया है।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यह भाजपा के फासीवादी एवं तानाशाही चरित्र का द्योतक ही नहीं, स्वस्थ लोकतंत्र के भविष्य के लिए भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला कोई भी दल सहन नहीं करेगा। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि संसद एवं देश की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने पर लोकसभा अध्यक्ष एवं राज्यसभा के उपसभापति द्वारा की गई यह कार्रवाई लोकतंत्र के लिए अच्छा संदेश नहीं है।
सूर्यकांत धस्माना, विरेंद्र पोखलियाल, नवीन जोशी, गोदावरी थापली, जयेंद्र रमोला, जसविंदर सिंह गोगी, सतपाल ब्रहमचारी, लक्ष्मी अग्रवाल, मोहित उनियाल, शांति रावत, लालचंद शर्मा, गरिमा दसौनी, अनुकृति गुसांई, हेमा पुरोहित, मनीष नागपाल, राजेश चमोली, आनंद बहुगुणा, दर्शन लाल, नजमा खान आदि शामिल रहे।

