आस्था और विज्ञान से सिलक्यारा मिशन अंजाम तक पहुंचा है। 17वें दिन बचाव कार्य में जुटी एजेंसियों के साथ ही सेना, विश्व के टनल विशेषज्ञों को कामयाबी मिली है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सीएम धामी के दृढ़ संकल्प से सरकार को सफलता मिली है।इन मजदूरों की सकुशल बाहर निकलने के लिए जहां लोग भगवान से प्रार्थना कर रहे थे, वहीं, विभिन्न एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी थी। मिशन सिलक्यारा में बचाव कार्य में बाधा भी आई। लेकिन आस्था व विज्ञान से मिशन अंजाम तक पहुंचा है। बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, आरवीएनएल, एसजेवीएनएल, ओएनजीसी, आईटीबीपी, एनएचएआईडीसीएल, टीएचडीसी, उत्तराखंड राज्य शासन, जिला प्रशासन, थल सेना, वायुसेना, श्रमिकों की अहम भूमिका रही।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और ‘इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन’ के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स भी टनल के मुहाने पर बनाए गए बौखनाग मंदिर में सिर झुकाकर श्रमिकों को सकुशल वापसी के लिए आशीर्वाद मांगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुख्यमंत्री को फोन कर लगातार बचाव कार्य का फीडबैक लेते रहे। दिल्ली से अमेरिकन ऑगर मशीन मौके पर पहुंचाई गई।

