Kanchipuram, Tamil Nadu,india - December 2, 2012:Women plant rice in paddy fields at Kanchipuram, India.
प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में किसानों, कृषि आधारित गतिविधियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विशेष महत्व दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में अन्नपूर्ति योजना के अंतर्गत किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए 1100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट की प्रमुख मदों में शामिल है। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को प्रोत्साहन देने, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और किसानों की आजीविका से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए भी धनराशि प्रस्तावित की है। किसानों की आय के स्रोतों में विविधता लाने और स्थानीय कृषि उत्पादों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को भी बजट में स्थान दिया गया है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह योजना कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़े सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए वर्षा आधारित खेती का विशेष महत्व है। अनुपूरक बजट में उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना (जायका) के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना का संबंध प्रदेश में जलवायु अनुकूल कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने से है।
